| कुमार विश्वास के गीत "सत्यम् शिवम् सुदरम्" के सांस्कृतिक-दर्शन की काव्यगत् अनिवार्यता का प्रतीपादन करते हैं। कुमार के गीतों मे भावनाओं का जैसा सहज, कुंठाहीन प्रवाह है, कल्पनाओं का जैसा अभीष्ट वैचारिक विस्तार है, तथा इस सामंजस्य के सृजन हेतु जैसा अद्भुत शिल्प व शब्दकोश है, वह उनके कवि के भविष्य के विषय में एक सुखद आश्वस्ति प्रदान करता है। |